Aug 18, 2026

खेल महाकुंभ-2026 का बिगुल: 1 सितंबर से 30 अक्टूबर तक मैदानों में दिखेगा दमखम, गांव से राज्य स्तर तक होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश

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देहरादून। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए खेल महाकुंभ-2026 मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की तैयारियां तेज हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत आयोजित होने वाले खेल महाकुंभ की विस्तृत रूपरेखा और कार्यक्रम जारी कर दिया है। करीब दो महीने तक चलने वाले इस आयोजन में न्याय पंचायत से लेकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

खेल महाकुंभ का मुख्य आयोजन 1 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक होगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण व प्रतिस्पर्धा का अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल महाकुंभ प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मंच उपलब्ध कराएगा। खेल महाकुंभ की शुरुआत न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताओं से होगी। ये प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। इस स्तर पर अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसे खेल शामिल किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का यह पहला बड़ा अवसर होगा। न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं होंगी। यहां वॉलीबाल और पिट्टू जैसी प्रतियोगिताएं सीधे आयोजित की जाएंगी, जबकि कुछ खेलों में न्याय पंचायत स्तर से चयनित खिलाड़ियों को आगे खेलने का मौका मिलेगा। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस चरण में मलखंभ, रस्साकसी, गोली (कंचा), फुटबॉल और बैडमिंटन जैसे खेल शामिल हैं। संसदीय क्षेत्र स्तर पर कुछ प्रतियोगिताएं सीधे आयोजित होंगी, जबकि विधानसभा स्तर से चयनित खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर की मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक आयोजित की जाएंगी। इसमें खेलों की लंबी सूची शामिल है। जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फेंसिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग, बेसबॉल और लॉन टेनिस जैसे खेलों में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कुछ प्रतियोगिताएं सीधे आयोजित होंगी, जबकि कुछ खेलों के लिए विधानसभा स्तर से चयनित खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा। खेल महाकुंभ में महिला खिलाड़ियों और दिव्यांगजनों की भागीदारी को भी विशेष स्थान दिया गया है। महिला ओपन वर्ग के साथ-साथ दिव्यांगजन महिला एवं पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित की गई हैं। इससे अलग-अलग वर्गों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा। निदेशक, युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल, उत्तराखंड दीप्ति सिंह ने खेल महाकुंभ की विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। उन्होंने संबंधित विभागों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, खेल महाकुंभ का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं में खेल संस्कृति को मजबूत करना और गांवों व दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है। प्रतियोगिताओं के जरिए चयनित खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस बार खेल महाकुंभ में मैदान सिर्फ मुकाबले का केंद्र नहीं होंगे, बल्कि उत्तराखंड की नई खेल प्रतिभाओं की खोज का सबसे बड़ा मंच भी बनेंगे।