Apr 11, 2026

किशोर यशवंत की रोज 25 किमी की पैदल चाल गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की उनकी भक्ति का प्रमाण

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श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ों की ठंडी हवाओं और कठिन रास्तों के बीच इन दिनों एक 'टेडीबियर' कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह कोई खिलौना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के वृंदावन का 17 वर्षीय युवा यशवंत चौधरी है, जो गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की अनोखी जिद लेकर पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला है। टेडीबियर की वेशभूषा धारण किए यशवंत को देखने के लिए रास्ते भर लोगों का तांता लगा हुआ है।

यशवंत ने इसी साल जनवरी में अपनी इस संकल्प यात्रा की शुरुआत की थी। वृंदावन से शुरू हुई यह यात्रा राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर होते हुए अब देवभूमि उत्तराखंड पहुंची है। शनिवार को श्रीनगर गढ़वाल पहुंचे यशवंत ने बताया कि पिछले 75 दिनों से वह लगातार चल रहे हैं और प्रतिदिन औसतन 20 से 25 किमी की दूरी तय करते हैं। खास बात यह है कि भीषण गर्मी और थकान के बावजूद उन्होंने अपना 'टेडीबियर' रूप नहीं त्यागा है। यशवंत ने पिछले साल ही इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि गौ सेवा के प्रति उनके मन में बचपन से ही गहरा लगाव था। गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का विचार उन्हें स्वयं आया और उन्होंने इसे फलीभूत करने के लिए पैदल यात्रा का कठिन रास्ता चुना। यशवंत के मुताबिक, "अगर मेरे इस छोटे से प्रयास से गौ माता को वह सम्मान मिल जाए जिसकी वह हकदार हैं, तो यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। यशवंत की यह यात्रा केदारनाथ पर नहीं रुकेगी। केदारनाथ में बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के बाद उनका अगला लक्ष्य बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचना है। उत्तराखंड के चारों धामों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद वह गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। स्थानीय लोग यशवंत के इस अटूट विश्वास और गौ प्रेम की सराहना कर रहे हैं। रास्ते में उनके भोजन और विश्राम की व्यवस्था श्रद्धालु और स्थानीय निवासियों द्वारा की जा रही है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था बल्कि समाज को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश भी है।