Apr 08, 2026

आंतरिक कलह का समाधान: सरकारी दायित्वों के रणनीतिक आवंटन के जरिए उत्तराखंड भाजपा ने संगठनात्मक एकता को दी मजबूती

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देहरादून। उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा हाल ही में बांटे गए सरकारी दायित्वों के बाद अब भाजपा संगठन ने इन '82 सिपाहियों' को चुनावी समर में उतारने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम करने वाले इन नेताओं को अब केवल पदों का सुख नहीं भोगना होगा, बल्कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए 'माइक्रो इंजीनियरिंग' के तहत बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। भाजपा ने इस बार दायित्वधारियों के चयन में क्षेत्रीय समीकरणों और नेताओं की व्यक्तिगत पकड़ को विशेष महत्व दिया है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इन 82 नेताओं का चयन एक खास योजना के तहत किया गया है। इनमें वे नेता भी शामिल हैं जो जमीन से जुड़े हैं और अपने क्षेत्रों में गहरी पैठ रखते हैं। साथ ही, हाल ही में अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए प्रमुख चेहरों को भी दायित्व देकर संगठन ने उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया है। इसका उद्देश्य साफ है संगठन को हर कोने में मजबूती देना।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा आगामी चुनाव के मद्देनजर दो स्तर के आंतरिक सर्वेक्षण करा चुकी है। इन सर्वेक्षणों में जिन क्षेत्रों में संगठन खुद को कमजोर महसूस कर रहा था, वहां इन दायित्वधारियों को विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने स्पष्ट किया कि सभी दायित्वधारियों का मुख्य कार्य अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना होगा। वे सरकार की उपलब्धियों की खूबियां बताएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे। पार्टी का मानना है कि यदि ये दायित्वधारी सक्रिय रूप से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराते हैं और योजनाओं का प्रचार करते हैं, तो इससे पार्टी का जनाधार सीधे तौर पर बढ़ेगा। संगठन ने इनका 'चुनावी टास्क' लगभग तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही साझा किया जाएगा। ये नेता न केवल सरकारी मशीनरी और जनता के बीच संपर्क सूत्र होंगे, बल्कि चुनाव के समय संगठन के लिए मजबूत सिपाही बनकर खड़े होंगे। भाजपा इस बार किसी भी स्तर पर चूक के मूड में नहीं है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन औसत रहा था, वहां इन दिग्गज नेताओं के अनुभव और प्रभाव का उपयोग किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा, "सभी दायित्वधारी सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम करेंगे। वे जनता तक जितना अधिक लाभ पहुंचाएंगे, पार्टी उतनी ही मजबूत होगी। विधानसभा चुनाव के लिए इनका टास्क निर्धारित किया जा रहा है।" साफ है कि भाजपा ने इन नियुक्तियों के जरिए एक तरफ जहां भीतरखाने की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की है, वहीं दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव के लिए एक अभेद्य किला तैयार करने का ब्लूप्रिंट भी खींच दिया है।