नानकमत्ता। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत ऐतिहासिक एवं पवित्र गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य दरबार में शीश नवाया और गुरु महाराज के समक्ष मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की अरदास की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत नानकमत्ता में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने स्वयं हाथ में झाड़ू उठाकर गुरुद्वारा परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया और श्रमदान किया। गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने परिसर में मौजूद लोगों के साथ स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। उन्होंने स्वयं साफ-सफाई करते हुए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखना प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि इससे धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा भी बनी रहती है। मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से अपील की कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष अभियान या कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का व्यापक लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्यमंत्री के गुरुद्वारा परिसर में स्वयं श्रमदान करने से वहां मौजूद लोगों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश गया। अभियान के दौरान गुरुद्वारा परिसर की साफ-सफाई की गई और लोगों को सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थल आस्था और श्रद्धा के केंद्र होने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। ऐसे स्थानों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। नानकमत्ता में मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता और सेवा का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया। गुरुद्वारा परिसर में मत्था टेकने के बाद स्वयं झाड़ू लगाकर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान में भागीदारी की और लोगों को सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया।