Aug 21, 2026

वंदे मातरम विवाद पर भड़की सियासत: बीजेपी का कांग्रेस पर करारा हमला, महेंद्र भट्ट बोले-देश विरोधी सोच और तुष्टिकरण की पराकाष्ठा

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देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर एक नया और तीखा सियासी संग्राम छिड़ गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय और गोवा में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम का संपूर्ण गायन न किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के इस रुख की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'देशविरोधी', 'संविधान विरोधी' और 1947 के देश बंटवारे वाली सोच से प्रेरित करार दिया है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले को आड़े हाथों लिया, जिसमें केवल दो छंद गाने को आधिकारिक पार्टी नीति बनाया गया है। भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल एक वर्ग विशेष के वोटों के लालच और तुष्टिकरण की राजनीति के तहत राष्ट्रगीत और भारत माता का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकारी कार्यक्रमों में तो वंदे मातरम गाने को तैयार दिखती है, लेकिन अपने खुद के कार्यालयों और आयोजनों में इसके संपूर्ण गायन से कतराती है। इतिहास का हवाला देते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 1937 का कांग्रेस प्रस्ताव ही आगे चलकर देश के विभाजन का मुख्य कारण बना था। उसी तुष्टिकरण की सोच के तहत तब भी वंदे मातरम के अधूरे स्वरूप को स्वीकार किया गया था और आज की 'राहुल कांग्रेस' भी उसी राह पर चल रही है। बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण गायन से बचना अथवा उसमें बाधा उत्पन्न करना एक कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है, जिसे कांग्रेस सिरे से नकार रही है। महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के दावों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस बेशक वंदे मातरम न गाने के लिए 'जान देने' की झूठी बातें करे, लेकिन देश के सच्चे नागरिक वंदे मातरम का उद्घोष करते हुए राष्ट्रहित में अपनी जान समर्पित करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। बीजेपी ने साफ किया है कि वह जनसहयोग के बल पर कांग्रेस की इस मंशा को कभी सफल नहीं होने देगी।