गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अनुशासित और एकजुट दिखने का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी को गोरखपुर में एक बड़ी फजीहत का सामना करना पड़ा है। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' एवं 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के सिलसिले में बुलाई गई आधिकारिक प्रेस वार्ता में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वरिष्ठ नेताओं और मीडिया के सामने ही पार्टी के दो गुट आपस में भिड़ गए। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ हाथापाई की गई और उन्हें थप्पड़ तक जड़ दिया गया।
समाजवादी पार्टी की ओर से लोकतंत्र बचाओ सप्ताह और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता शनिवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब पार्टी के ही नेता आपस में भिड़ गए। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तीखी कहासुनी और हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। घटना के बाद प्रेस वार्ता को बीच में रोकना पड़ा। मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। प्रेस वार्ता का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में सपा महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव, रणजीत पासवान समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। बताया गया कि वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश प्रेस क्लब पहुंचे और काजल निषाद के बगल में बैठने का प्रयास किया। वहां जगह को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बातचीत हुई। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर नगीना साहनी के साथ हाथापाई हुई। नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और धमकी भी दी गई। विवाद बढ़ने पर प्रेस क्लब में मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव किया। कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। मौके पर पुलिसकर्मी भी पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। घटना के कारण जिस प्रेस वार्ता में मतदाता और लोकतंत्र से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा जाना था, उसका केंद्र ही बदल गया। प्रेस वार्ता के दौरान सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम लोकतंत्र बचाने और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर पार्टी का पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान पार्टी नेताओं के बीच हुए विवाद ने पूरे कार्यक्रम को प्रभावित कर दिया। घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने पूरे मामले को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी और घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दूसरी ओर, नगीना साहनी की ओर से भी घटना को लेकर आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने पुलिस से शिकायत करने और पार्टी नेतृत्व को मामले की जानकारी देने की बात कही है। हालांकि, घटना के संबंध में तत्काल किसी पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने की जानकारी नहीं है। समाजवादी पार्टी की ओर से इन दिनों ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत कार्यक्रम किए जा रहे हैं। पार्टी ने इस अभियान में मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही है। गोरखपुर में इसी अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं के बीच हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। प्रेस क्लब की घटना ने पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आंतरिक मतभेदों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, विवाद के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी मामले में किसी तहरीर के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।