Jun 02, 2026

देवप्रयाग हाईवे पर हुआ दिल दहला देने वाला हादसा, उफनती गंगा नदी में समाई अनियंत्रित पर्यटकों की कार

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देवप्रयाग ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। थाना देवप्रयाग क्षेत्र के अंतर्गत चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप पर्यटकों से भरा एक इनोवा वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई को चीरते हुए उफनती गंगा नदी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति को बेहद नाजुक हालत में नदी के किनारे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। वाहन में सवार सभी लोग राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं।

देवप्रयाग-ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। थाना देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप पर्यटकों से भरी एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और सीधे गंगा नदी में समा गई। हादसे में अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य संभावित लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी है। जानकारी के अनुसार, इनोवा वाहन संख्या UK 08 TA 5433 देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा के पास अचानक नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार वाहन सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर को तोड़ते हुए गहरी खाई में गिर गया और नीचे बह रही गंगा नदी में समा गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन का कोई स्पष्ट निशान प्रारंभिक तौर पर दिखाई नहीं दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की श्रीनगर, ब्यासी और ढालवाला इकाइयों से तीन विशेष रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव अभियान के दौरान एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को नदी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। वहीं व्यापक तलाशी अभियान के दौरान दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं। मृतकों की पहचान और वाहन में सवार कुल लोगों की संख्या का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं, जो उत्तराखंड घूमने आए थे। हालांकि प्रशासन ने अभी यात्रियों की संख्या और उनकी पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से संपर्क साधने के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रहे हैं। गंगा नदी के तेज बहाव और दुर्गम भूभाग के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें नदी तट, आसपास के क्षेत्रों और संभावित बहाव मार्गों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करें, ताकि अभियान प्रभावित न हो। देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है। फिलहाल सभी की निगाहें जारी रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और लापता लोगों की सुरक्षित तलाश की उम्मीद की जा रही है।