Jul 30, 2026

शिक्षा मंत्री का आश्वासन: पारदर्शी और पारदर्शी व्यवस्था से होंगी चतुर्थ श्रेणी पद और शिक्षक भर्तियां

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में 1500 से अधिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों स्तरों पर खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

राजकीय शिक्षक संघ के एससीईआरटी सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रवक्ताओं के 808 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले से चल रही है। उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग से जल्द परिणाम जारी करने का आग्रह करने की बात कही, ताकि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति शीघ्र हो सके और स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत बनाई जा सके। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के 250 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसकी विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सहायक अध्यापक एलटी के 450 से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए भी आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में भी पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध हों, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। शिक्षा मंत्री ने सरकारी इंटर कॉलेजों में 2364 रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों को लेकर भी बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने बताया कि पहले इन पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की योजना थी और इसके लिए कंपनी का चयन भी कर लिया गया था। लेकिन शिकायतें मिलने के बाद उस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति में उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने विद्यालय के लिए भूमि दान की है। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भी रोजगार में वरीयता दी जाएगी। इस फैसले से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के लगभग 3000 पदों पर पदोन्नति की जानी है। इसके लिए सूची तैयार कर राज्य लोक सेवा आयोग को भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आयोग की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है, तो सरकार तदर्थ पदोन्नति का विकल्प अपनाएगी, ताकि शिक्षकों के हित प्रभावित न हों और विद्यालयों में रिक्त पद जल्द भरे जा सकें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पदोन्नति के बाद शिक्षकों को उन विद्यालयों में तैनात किया जाएगा, जहां शिक्षकों की सबसे अधिक आवश्यकता है। इससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से भर्ती और पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों और शिक्षकों के लिए यह घोषणा बड़ी राहत लेकर आई है। अब सभी की निगाहें भर्ती विज्ञप्ति और पदोन्नति प्रक्रिया के जल्द पूरा होने पर टिकी हैं।