देहरादून। उत्तराखंड के किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में 'मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति' द्वारा विकसित किसान-केंद्रित मोबाइल ऐप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का औपचारिक शुभारंभ किया।
किसानों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति द्वारा विकसित किसान-केंद्रित मोबाइल ऐप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का शुभारंभ किया। इस ऐप के जरिए किसानों को खेती से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां और सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐप को किसानों और स्वयं सहायता समूहों के लिए उपयोगी पहल बताते हुए संस्था के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर किसानों तक कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी और सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के तकनीकी प्रयास किसानों की व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होंगे। मनोरमा कृषि रक्षक’ ऐप की सबसे अहम विशेषताओं में रियल टाइम मौसम संबंधी जानकारी और अलर्ट शामिल हैं। खेती में मौसम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। बारिश, तापमान में बदलाव या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों की जानकारी समय पर मिलने से किसान फसल को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठा सकेंगे। ऐप में फसल के अनुसार कृषि सलाह उपलब्ध कराने की सुविधा भी रखी गई है। किसानों को अलग-अलग फसलों की जरूरत के मुताबिक कृषि संबंधी जानकारी देने का प्रयास किया गया है, जिससे खेती के दौरान उन्हें जरूरी मार्गदर्शन डिजिटल माध्यम से मिल सके। ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित फसल रोग पहचान की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके जरिए किसानों को फसलों में दिखाई देने वाले संभावित रोगों की पहचान में तकनीकी सहायता मिल सकेगी। इससे किसान समय रहते फसल की स्थिति को समझकर आवश्यक कृषि उपाय कर सकेंगे। इसके अलावा ऐप पर कृषि और बाजार से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार से जुड़ी आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, ऐप में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को खेत से बाजार तक अपनी कृषि उपज पहुंचाने में डिजिटल सहयोग उपलब्ध कराना है। ऐप के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़ने से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर काम कर रहे समूहों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐप को किसानों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसका लक्ष्य कृषि उत्पादन से लेकर बाजार तक किसानों को आवश्यक डिजिटल सहयोग उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी समेत मनोरमा डबराल जन कल्याण समिति से कमला डबराल, राजेश डबराल, अंशुल, प्रांजल नौडियाल और सूरवीर सिंह कठैत उपस्थित रहे।