Jun 25, 2026

धनबाद के रंजीत उरांव ने जीता सर्वश्रेष्ठ फायरर का पुरस्कार, रांची पासिंग आउट परेड में बिखेरा अपना जलवा

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रांची।झारखंड पुलिस के बेड़े में गुरुवार को 440 नए जांबाज अधिकारी और जवान शामिल हो गए। रांची के डोरंडा स्थित जैप-वन (JAP-1) परिसर में आयोजित बुनियादी प्रशिक्षुओं के भव्य पारण परेड समारोह-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की गरिमामयी मौजूदगी में नव प्रशिक्षित 4 डीएसपी और 336 जवानों ने पद, गोपनीयता और संविधान की शपथ लेकर राज्य सेवा का संकल्प लिया। इस नए बैच की सबसे खूबसूरत तस्वीर महिला सशक्तिकरण की रही, जिसमें 81 महिला प्रशिक्षु सिपाही और 255 पुरुष सिपाही शामिल हैं।

परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी नए पुलिस अधिकारियों और जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक नौकरी या तनख्वाह का जरिया नहीं है, बल्कि आप सभी आज से कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ एक बड़ी व्यवस्था से बंध चुके हैं। पुलिस सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित है। शहीदों के परिजनों को याद करते हुए भावुक स्वर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान बड़ी चुनौतियां आ सकती हैं। पूर्व में इसी कर्तव्य की वेदी पर कई स्वजनों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। आज राज्य सरकार ने उन्हीं स्वजनों के अधूरे सफर और रास्ते को पूरा करने की जिम्मेदारी इन नव प्रशिक्षुओं के कंधों पर सौंपी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष हर्ष व्यक्त किया कि इस पूरे बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूँ कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान हो। 30 हफ्ते का कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लेकर हमारी बेटियों ने जो अनुशासन दिखाया है, वह गर्व की बात है। अब इस कड़े प्रशिक्षण का परिणाम राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में दिखना चाहिए। बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और जवानों को मुख्यमंत्री ने खुद ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। रामलखन वर्णवाल (झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग से 12 महीने का प्रशिक्षण)।रंजीत उरांव, धनबाद जिला बल (सर्वश्रेष्ठ बाह्य विषय और सर्वश्रेष्ठ फायरर का भी प्रथम पुरस्कार)। अविनाश कुमार, सिपाही (विशेष शाखा रांची)।
गौरतलब है कि इन सिपाहियों को सीटीसी स्वासपुर मुसाबनी में 30 सप्ताह का बेहद कठिन और कड़ा बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया है। पारंपरिक और अनुशासित मार्च पास्ट के साथ शुरू हुए इस समारोह में जैसे ही जवानों ने मुख्य अतिथि का अभिवादन किया, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया दुबे सहित पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी और नव प्रशिक्षित जवानों के गौरवशाली परिजन भारी संख्या में उपस्थित रहे।