Jul 10, 2026

रामनगर-मुंबई और हरिद्वार-मुंबई रेल सेवाएं सप्ताह में कम से कम तीन दिन चलाने की उठी मांग

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देहरादून। उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण और कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं, रेल सेवाओं के विस्तार और नई लाइनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक महत्व और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए कई बड़े प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे, जिस पर रेल मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में रह रहे उत्तराखंड मूल के लाखों प्रवासियों की सुविधा का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुंबई और देहरादून के बीच एक नई 'वंदे भारत' अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने का पुरजोर अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं के फेरे (आवृत्ति) बढ़ाने तथा देहरादून-कोटा रेल सेवा को आगे बढ़ाकर सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तारित करने की मांग की। सीएम ने कहा कि रामनगर-मुंबई और हरिद्वार-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित या सप्ताह में कम से कम तीन दिन चलाया जाए। वर्ष 2027 में प्रस्तावित महाकुंभ, चारधाम यात्रा और बाबा नीम करौली धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह कनेक्टिविटी गेमचेंजर साबित होगी, जिससे राज्य में व्यापार और निवेश को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद कर उसकी भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने का एक और बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड और रेल भूमि विकास प्राधिकरण मिलकर 'ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर' की समग्र मास्टर प्लानिंग पर काम कर रहे हैं। इसके लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण को त्वरित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने बेहद गंभीरता से लिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे सामरिक और व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण बनबसा क्षेत्र को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला हुआ। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने टनकपुर से संचालित होने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्पकालिक ठहराव सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी। इस निर्णय से स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ वहां तैनात सेना की राजपूत रेजिमेंट की इकाई को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सीएम धामी ने खटीमा-मझोला पीलीभीत रेलखंड पर बंद पड़े रेलवे फाटक संख्या 18 सी को पुनः खोलने की मांग रखी। इसके बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और प्रसिद्ध 'क्रोकोडायल पार्क' आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही थी, जिस पर रेल मंत्री ने सकारात्मक सहमति जताई। इसके अलावा, किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर जल्द से जल्द रेल संचालन शुरू कराने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के अंतर्गत रायवाला से देहरादून तक के लंबित कार्यों को तेज करने और हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण पर भी रेल मंत्रालय ने सहमति की मुहर लगा दी है।