May 27, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया संबोधन ने उत्तराखंड चुनाव के लिए आपसी समन्वय पर दिया जोर

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भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगामी तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस पहले दौरे को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए सरकार और संगठन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समन्वय बैठक कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के कार्यक्रमों की रूपरेखा, रूट मैप और संगठनात्मक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

भाजपा आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व का पूरा फोकस राज्य में सत्ता की हैट्रिक लगाने पर है। बैठक से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया कार्यक्रमों का संदेश भी साफ था कि पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं और वरिष्ठ नेताओं को दी जाने वाली जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। हाल ही में गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के आवास पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की क्रमिक मुलाकातों को लेकर सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं पर संगठन ने स्थिति साफ की है।  प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे एक पूरी तरह से सामान्य प्रक्रिया और भाजपा की पुरानी स्वस्थ परंपरा बताया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आपस में बैठकर बात करने से यदि कोई वैचारिक मतभेद या भ्रांति होती भी है, तो वह आसानी से दूर हो जाती है। सरकार और संगठन के शीर्ष चेहरे साथ मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। वही राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का यह दौरा उत्तराखंड भाजपा के कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार करेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठन की जमीनी मजबूती का खाका खींचा जाएगा। यही वजह है कि खुद मुख्यमंत्री और दोनों प्रमुख सांसद मिलकर एक-एक कार्यक्रम की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रथम देवभूमि आगमन पर संगठन की एकजुटता और ताकत का मजबूत संदेश दिल्ली तक जाए।