रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद महागठबंधन के भीतर राजनीतिक तनाव खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस की ओर से झारखंड प्रभारी के. राजू द्वारा राजद पर गठबंधन प्रत्याशी को समर्थन नहीं देने का आरोप लगाए जाने के बाद राजद नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार की हार ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद राजद के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने पूरी निष्ठा के साथ गठबंधन प्रत्याशी प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया था। राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने कांग्रेस के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने संगठन और नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राजद के सभी चार विधायकों ने महागठबंधन उम्मीदवार प्रणव झा को ही वोट दिया था और इस संबंध में किसी प्रकार की कोई शंका नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए सहयोगी दलों को निशाना बना रहा है। सुरेश पासवान ने कहा कि चुनाव परिणामों की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस अपने सहयोगियों पर आरोप लगाकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यहां तक कहा कि झारखंड में कांग्रेस प्रभारी के. राजू की भूमिका की भी गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मांग करते हुए कहा कि के. राजू को झारखंड प्रभारी के पद से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी कार्यशैली और रणनीति ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। वहीं राजद के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में कांग्रेस जिस राजनीतिक स्थिति का सामना कर रही है, उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा लगातार कांग्रेस से कम होता जा रहा है और पार्टी को अपने संगठनात्मक ढांचे, नेतृत्व शैली और राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों पर आरोप लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। राजद के पोलिंग एजेंट भोला प्रसाद यादव ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का स्पष्ट निर्देश था कि महागठबंधन उम्मीदवार प्रणव झा को हर हाल में समर्थन दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान सभी राजद विधायकों ने उन्हें अपना मत दिखाया था और वह पूरी तरह संतुष्ट थे कि पार्टी के सभी वोट गठबंधन उम्मीदवार को ही पड़े हैं। ऐसे में राजद पर लगाया गया आरोप तथ्यों से परे है। उधर राज्य सरकार में मंत्री और राजद नेता संजय प्रसाद यादव ने कहा कि राजद ने अपने राजनीतिक इतिहास में कभी किसी सहयोगी दल के साथ विश्वासघात नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह असत्य हैं और इससे गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी दल को कोई शिकायत या संदेह है तो उसे सार्वजनिक मंचों पर बयान देने के बजाय गठबंधन के भीतर बैठकर चर्चा करनी चाहिए।
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राज्यसभा हार के बाद कांग्रेस की आरोप राजनीति पर राजद का पलटवार
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