खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा स्थित लोहियाहेड हेलीपैड कैंप कार्यालय में जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार "सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि" के मंत्र के साथ कार्य कर रही है और शासन-प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को समय पर न्याय और सुविधाएं मिलें। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए 27 दिव्यांगजनों को 77 सहायक उपकरण तथा 22 वरिष्ठ नागरिकों को 113 सहायक उपकरण वितरित किए। इनमें 11 बैटरी रिक्शा, 14 व्हीलचेयर, 18 कमोड चेयर, छह ट्राई साइकिल, 24 हियरिंग मशीन, 40 नी-ब्रेस, 13 बैसाखियां, वॉकर, वॉकिंग स्टिक, सिलिकॉन कुशन और सीपी चेयर शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामोत्थान रीप योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को भी प्रोत्साहन दिया गया। मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति ग्राम संगठन, गदरपुर और सत्यमेव जयते सीएलएफ, बाजपुर को बोलेरो वाहन तथा एकता सीएलएफ, गदरपुर को फूड वैन की चाबी सौंपी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे में जनसुनवाई, सामाजिक कल्याण और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ने का संदेश देखने को मिला। सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि जनकल्याण और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।