देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहा) कांड की बरसी की पूर्व संध्या पर जारी अपने विशेष संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक राज्य के गठन में आंदोलनकारियों का योगदान, त्याग और संघर्ष अविस्मरणीय है, जिसे प्रदेशवासी सदैव अगाध श्रद्धा और सम्मान के साथ याद रखेंगे।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के अमर शहीदों की स्मृति में प्रदेश एक बार फिर भावुक हो उठा है। मुजफ्फरनगर कांड (रामपुर तिराहा) की बरसी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों और अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके योगदान को प्रदेशवासी हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। इस आंदोलन में अनेक लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया और कई आंदोलनकारियों ने राज्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके संघर्ष और बलिदान के कारण ही उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। ऐसे में राज्य आंदोलन के अमर शहीदों की भावनाओं और आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करना सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो। पहाड़ों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना जरूरी है, तभी राज्य आंदोलन की मूल भावना को वास्तविक रूप दिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का आदर्श और अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य आंदोलन की भावना को शासन और विकास कार्यों में प्रतिबिंबित करना होगा। इसके लिए राज्य की विशिष्ट पहचान और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराएं, प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर हैं। विकास की गति बढ़ाते समय इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। धामी ने कहा कि राज्य की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही ऐसा उत्तराखंड बनाया जा सकता है, जिसकी कल्पना राज्य आंदोलनकारियों ने की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और एकजुटता से काम करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राज्य की उन्नति, समृद्धि और विकास में अपना योगदान दें। रामपुर तिराहा कांड की बरसी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का संदेश राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की स्मृति को फिर से जनचर्चा के केंद्र में ले आया।