May 25, 2026

स्थानीय व्यापारियों में रोष: पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा

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देहरादून। आम जनता की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा प्रहार हुआ है। घरेलू तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है, जिसने आम आदमी से लेकर परिवहन क्षेत्र तक की कमर तोड़ दी है। शनिवार को हुई 87 से 91 पैसे की बढ़ोतरी के ठीक बाद, सोमवार को तेल कंपनियों ने देशभर में पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक का तगड़ा इजाफा किया है।

सोमवार सुबह से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ईंधन की नई कीमतें प्रभावी हो गई हैं। देहरादून में पेट्रोल के दाम में 2.55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद यहाँ पेट्रोल का आंकड़ा शतक पार करते हुए 100.50 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, डीजल भी 2.72 रुपये प्रति लीटर महंगा होकर 95.90 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। प्रीमियम ईंधन इस्तेमाल करने वालों को और ज्यादा जेब ढीली करनी होगी; देहरादून में अब 'एक्सपी 95' पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹108.93 प्रति लीटर हो गई है। ईंधन की इस बेलगाम रफ्तार से देश की राजधानी दिल्ली भी अछूती नहीं है। दिल्ली में इस ताजा बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गया है। लगातार बढ़ते दामों ने मेट्रो शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक आम लोगों के घर का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में आ रहे इस उछाल का सीधा और बड़ा असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ेगा। मालभाड़ा बढ़ने से आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और राशन सहित रोजमर्रा की तमाम आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ना तय है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों का जीना मुहाल हो गया है। जनता अब सरकार से इस बेकाबू होती महंगाई पर तुरंत लगाम लगाने और टैक्स में कटौती करने की मांग कर रही है।