Mar 11, 2026

मानसून के बाद 4149 किमी सड़कें गड्ढामुक्त, रोपवे और पंचायत भवनों से गांव-तीर्थ कनेक्टिविटी मजबूत

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उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने विकास कार्यों की रफ्तार तेज कर दी है। गांवों से लेकर तीर्थ स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सड़क सुधार, पंचायत भवन निर्माण और रोपवे परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन पहलों से ग्रामीण विकास, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

विधानसभा सत्र के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। लोक निर्माण विभाग ने मानसून से पहले 3,134 किलोमीटर और मानसून के बाद 4,149.17 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया। इस प्रकार कुल मिलाकर सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें दुरुस्त की गईं। इस अभियान पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सड़क सुधार अभियान का सबसे अधिक असर उन क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है जहां खराब सड़कों के कारण लंबे समय से आवागमन प्रभावित था। अकेले हरिद्वार जिले में ही 313 किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त की गईं। अधिकारियों के अनुसार बेहतर सड़कों से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पंचायत भवनों के निर्माण और पुनर्निर्माण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण कराया है। राज्य में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर हालत में थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पंचायतीराज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर इन भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में भवन तैयार किए जा चुके हैं जबकि बाकी पर काम जारी है। पर्यटन और तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य में रोपवे परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन शुरू हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा पूर्णागिरी, यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए भी रोपवे परियोजनाएं विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रही हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क, पंचायत और पर्यटन ढांचे में हो रहा यह निवेश आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के समग्र विकास को नई दिशा दे सकता है।