Feb 20, 2026

आस्था के बीच महावन्याथ, सीएम धामी ने किए बड़े नागरिक विकास प्रोजेक्ट्स घोषित

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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि विकासखंड के वीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ दिवारा यात्रा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर क्षेत्रवासियों को दो बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने मां चंडिका मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में भाग लिया और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुरातत्व विभाग के माध्यम से पुनर्निर्माण कराने तथा बसुकेदार तहसील में नए तहसील भवन के निर्माण की घोषणा की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 20 वर्षों बाद आयोजित यह महावन्याथ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दिवारा यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए ग्रामीणों की एकजुटता और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज केदारनाथ धाम का स्वरूप विश्व के सामने दिव्य और भव्य रूप में स्थापित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में प्रतिबद्ध है।

मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा करीब 26 गांवों का भ्रमण करते हुए वीरों देवल पहुंची। वीरों देवल, संगूड़, नैणी पौण्डार, क्यार्क बरसूड़ी, पाली, डुंगर, बड़ेथ, पाटियू, भटवाड़ी, जोला, उच्छोला, मथ्यागांव, डांगी, स्यूर, डडोली, दानकोट, कौशलपुर, हाट, नैली कुंड और रयांसू सहित विभिन्न गांवों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। 15 फरवरी से वीरों देवल में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा और 24 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ महावन्याथ यात्रा का समापन होगा। मुख्यमंत्री धामी ने मंच से क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मां चंडिका मंदिर प्रांगण और मंदिर समूह का पुनर्निर्माण पुरातत्व विभाग की देखरेख में कराया जाएगा, जिससे मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा संरक्षित रह सके। इसके अलावा बसुकेदार तहसील में नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाटा बाबा विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के प्रस्ताव पर परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन के विकास के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मां चंडिका महावन्याथ में मुख्यमंत्री की उपस्थिति से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और विकास संबंधी घोषणाओं का स्वागत किया। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और विकास योजनाओं के संगम के साथ यह आयोजन रुद्रप्रयाग जिले के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है।

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